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 क्रोध से भी घातक शस्त्र है ।  शंका..  जो मनुष्य के आत्मबल और आत्ममंथन  दोनों का विनाश कर देती है .  .  ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"  . 
 जो लड़की दर्द की वजह से सुई भी नही लगवाती  वही लड़की एक दिन किसी बच्चे को जन्म देती है जिसका दर्द सुई के दर्द से कही अधिक होता है .  ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"  .  . 
 ज़िंदगी की एक नई शुरुआत की थी  जब मैंने पहली बार तुमसे बात की थी मृगनयन सी आँखों मे तेरे झील सा पानी था  तृषा मुझमे भी थी ,ओ दौर जवानी था क्षुधा न थी देह की बस रूह का अनुराग था संगीत का ज्ञान नही, पर तेरी हर बात मे जैसे कोई राग था ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल" . 
 क्या पुरुष का चरित्र सच मे इतना धूमिल हो गया है ?  कि हम हर प्रकार के नारीवाद का समर्थन करें ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल" 

हुजूर

 कोई खुद को मजबूर कहता है  तो कोई खुद का ही कसूर कहता है  जरा संभाल कर रखना तुम भी अपने कदम उसकी गली में  सुना है,हर बेवफा उसे अपना हुजूर कहता है ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"

गुनाह

 इश्क़ हुआ था ये गुनाह नही था हाँ तुमसे हुआ था ये गुनाह जरूर था ~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"
खूबसूरत है और इसपर इतराती भी बहुत है  लोगों से तो बेझिझक बोलती है  पर मुझसे शरमाती बहुत है  और छिप जाती है अक्सर मुस्कुरा कर मुझे देख पता चला है वो मुझे चाहती बहुत है