हुजूर

 कोई खुद को मजबूर कहता है 

तो कोई खुद का ही कसूर कहता है 

जरा संभाल कर रखना तुम भी

अपने कदम उसकी गली में 

सुना है,हर बेवफा उसे अपना हुजूर कहता है


~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"

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