एक साल पहले की बात है । मैं नया नया अपनी कॉलोनी में आया था , दिन भर सामान और कपड़ा व्यवस्थित करते करते  शाम हो गई थी और मै थोड़ा थक भी गया था तो मैंने सोचा "लाओ चाय और कुर्सी लेकर खिड़की के पास बैठते है और इसी बहाने एक बार ऊपर से अपनी कॉलोनी भी देख लेंगे" पर (मुझे क्या पाता था कि कॉलोनी देखते देखते वो भी दिख जाएंगी) मैं बैठ कर चाय की चुस्कियां ले रहा था और कॉलोनी को देख रहा था तभी अचानक मेरी नजर उस पर पड़ी! वो दरवाजे पर खड़ी थी उसके मासूम चेहरे पर हल्की लेकिन प्यारी सी मुस्कान थी मेरी नजर उसे देखते ही रुक गई!  मानो मेरी आंखों ने दिल से समझौता कर लिया हो, मन तो किया की तुरंत जाकर उससे बात करूं लेकिन किसी के बारे में कुछ जाने बगैर उसके बारे में दिल में ज्यादा ख्याल लेना ठीक नहीं था हां ये पहली नजर का प्यार तो नहीं था लेकिन मै उससे बहुत आकर्षित हो गया था । दिन बीत रहे थे और मैं हर रोज अपनी बालकनी में बैठ कर उसे देखता , उसकी मुस्कुराहट को अपने अंदर महसूस करता । फिर एक दिन कॉलोनी में एक कार्यक्रम में मुझे उससे बात करने का मौका मिला । वो मेरे बगल ही बैठी थी और मैं उससे बात भी करना चाहता था लेकिन उस समय ना मेरे मुंह से आवाज निकाल रही थी और ना मेरे मन की घबराहट रुक रही थी लेकिन मुझे बात तो करना ही था तो मैंने उससे कहा ही दिया कि "आप मुझे अच्छे लगते हो और मैं आपके सामने वाले  घर में रहता हूं " (दिल में घबराहट सी हो रही थी कि क्या जवाब मिलेगा ) फिर जब उसने कोई जवाब नहीं दिया तो मैंने कहा कोई बात नहीं ये जरूरी थोड़ी होता है कि हम जिसे पसंद करें वो भी हमें पसंद करें और अगर इस हिसाब से होने लगे तो फिर मुझे कई हीरोइन भी पसंद है लेकिन उन्हें मुझे पसंद करना तो दूर की बात है, उन्होंने मुझे आज तक देखा तक नहीं है । फिर उसने जवाब देते हुए कहा कि "मैंने भी आपको कई बार देखा है और शायद आपको पता भी नहीं होगा लेकिन मैं आपके लिए ही तो शाम को दरवाजे के पास बैठती थी और अगर आप चाहो तो हम अच्छे दोस्त बन सकते है " बस इतना सुनते ही तो ऎसा लगा जैसे मैं कोई सपना देख रहा हूं मेरा मन तो बहुत तेज उछलने को कहा लेकिन मन को काबू करते हुए मैंने भी हां कह दिया । फिर धीरे धीरे हम दोनों अच्छे दोस्त से बहुत अच्छे दोस्त बन गए । 

लेकिन एक ओ पहला दिन था और एक आज का दिन है वो उसी तरह रोज दरवाजे पर आती है और मैं रोज अपनी बालकनी से उसे देखता हूं 

~सौरभ उपाध्याय "कुनाल"

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